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117 साल पुराना नियम खत्म अब जमीन रजिस्ट्री में बड़े बदलाव नए नियम को जानें | Land Registry New Update

By Shreya

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Land Registry New Update – भारत सरकार ने भूमि रजिस्ट्री प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव की घोषणा की है जो देश के रियल एस्टेट क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करेगा। यह परिवर्तन न केवल पुरानी व्यवस्था को आधुनिक बनाएगा बल्कि आम नागरिकों को धोखाधड़ी से भी बचाएगा। डिजिटल इंडिया की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो संपत्ति लेनदेन को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाएगा।

पुरानी व्यवस्था का अंत

सवा सौ साल से अधिक समय से चली आ रही रजिस्ट्रेशन प्रणाली अब इतिहास बनने जा रही है। ब्रिटिश काल में स्थापित यह कानून आज की डिजिटल दुनिया की आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ हो गया था। पुराने नियमों के कारण भूमि संबंधी विवादों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी और नागरिकों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता था।

केंद्र सरकार ने इन चुनौतियों को समझते हुए एक व्यापक सुधार की योजना बनाई है। नई व्यवस्था में प्रौद्योगिकी का भरपूर उपयोग किया जाएगा जिससे कार्यप्रणाली में तेजी और पारदर्शिता आएगी। यह बदलाव देश के हर कोने में समान रूप से लागू होगा और सभी नागरिकों को इसका लाभ मिलेगा।

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डिजिटल रजिस्ट्रेशन की नई पहल

नई प्रणाली में सभी भूमि रिकॉर्ड पूरी तरह से डिजिटल होंगे और ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे। इससे किसी भी व्यक्ति को जमीन की जानकारी प्राप्त करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। घर बैठे ही आप किसी भी संपत्ति का पूरा विवरण देख सकेंगे और उसकी प्रामाणिकता की जांच कर सकेंगे।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग ने इस योजना का प्रारूप तैयार किया है। विभाग ने जनता से इस प्रस्ताव पर सुझाव और राय मांगी है ताकि व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि आम नागरिकों की चिंताओं का भी ध्यान रखा जाए।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सभी दस्तावेज सुरक्षित तरीके से संग्रहीत किए जाएंगे। इससे कागजात खोने या नष्ट होने का खतरा पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। साथ ही, किसी भी प्रकार की हेराफेरी या जालसाजी की संभावना भी न्यूनतम हो जाएगी।

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आधार कार्ड सत्यापन की अनिवार्यता

नई व्यवस्था में आधार कार्ड सत्यापन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जमीन की खरीद-बिक्री में शामिल सभी पक्षों को अपने आधार नंबर से प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य होगा। यह प्रणाली फर्जी लेनदेन को रोकने में अत्यंत प्रभावी साबित होगी और नागरिकों की पहचान की पुष्टि सुनिश्चित करेगी।

जब भी किसी संपत्ति में कोई लेनदेन होगा, आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर तुरंत सूचना भेजी जाएगी। इससे संपत्ति मालिक को हर गतिविधि की जानकारी रहेगी और अगर कोई अनधिकृत कार्रवाई हो रही हो तो उसे तुरंत रोका जा सकेगा। यह सुविधा विशेष रूप से धोखाधड़ी से बचाव के लिए बेहद उपयोगी होगी।

सरकार ने उन नागरिकों के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था की है जिनके पास आधार कार्ड नहीं है। वे अन्य सरकारी पहचान पत्रों के माध्यम से भी अपनी पहचान साबित कर सकेंगे। इससे किसी भी नागरिक को संपत्ति लेनदेन से वंचित नहीं होना पड़ेगा।

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धोखाधड़ी रोकथाम के उपाय

भूमि माफिया और दलालों द्वारा की जाने वाली धोखाधड़ी भारत में एक गंभीर समस्या रही है। नई व्यवस्था इस समस्या से निपटने के लिए कई सुरक्षा परतें प्रदान करती है। हर संपत्ति का पूरा इतिहास डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा जिससे विवादित जमीनों की पहचान आसान हो जाएगी।

पुराने रिकॉर्ड्स को भी डिजिटलीकृत किया जा रहा है ताकि किसी भी संपत्ति का पूरा विवरण एक जगह उपलब्ध रहे। इससे जमीन के मालिकाना हक से संबंधित विवादों में कमी आएगी। खरीदार खरीदने से पहले संपत्ति की पूरी जांच कर सकेंगे और सूचित निर्णय ले सकेंगे।

सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह हो। हर कदम पर डिजिटल हस्ताक्षर और टाइमस्टैम्प का उपयोग किया जाएगा। इससे बाद में किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में सबूत उपलब्ध रहेंगे।

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ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा

नई प्रणाली में जमीन की रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा होगी। लोगों को अब रजिस्ट्रार के कार्यालय में लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। घर बैठे ही सभी औपचारिकताएं पूरी की जा सकेंगी और डिजिटल प्रमाणपत्र प्राप्त किया जा सकेगा।

दस्तावेजों का सत्यापन भी ऑनलाइन होगा जिससे प्रक्रिया में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। सभी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी और सिस्टम स्वचालित रूप से उनकी जांच करेगा। इससे मानवीय त्रुटियों की संभावना भी कम होगी।

शुल्क का भुगतान भी ऑनलाइन किया जा सकेगा जिससे नकद लेनदेन से जुड़ी समस्याओं से बचा जा सकेगा। डिजिटल भुगतान का पूरा रिकॉर्ड सिस्टम में सुरक्षित रहेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम होगी।

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नागरिकों के लिए लाभ

यह नई व्यवस्था आम नागरिकों के लिए कई तरह से फायदेमंद होगी। सबसे बड़ा लाभ यह है कि संपत्ति लेनदेन अब अधिक सुरक्षित और तेज होंगे। डिजिटल रिकॉर्ड की वजह से कोई भी व्यक्ति किसी संपत्ति की प्रामाणिकता की जांच कर सकेगा।

विवादित संपत्तियों से बचना अब आसान हो जाएगा क्योंकि सभी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। बैंक और वित्तीय संस्थाएं भी ऋण प्रदान करने से पहले संपत्ति की जांच आसानी से कर सकेंगी। इससे संपत्ति पर ऋण लेना भी सरल होगा।

सरकारी राजस्व में भी वृद्धि होने की उम्मीद है क्योंकि कर चोरी की संभावना कम होगी। पारदर्शी व्यवस्था में सभी लेनदेन रिकॉर्ड में होंगे जिससे उचित कर वसूला जा सकेगा।

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भूमि रजिस्ट्री में यह सुधार भारत के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह न केवल पुरानी समस्याओं का समाधान करेगा बल्कि भविष्य के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार करेगा। डिजिटल तकनीक के उपयोग से प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और सुरक्षित हो जाएगी।

नागरिकों को इन नए नियमों के बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए और इनका लाभ उठाना चाहिए। सरकार की यह पहल निश्चित रूप से रियल एस्टेट क्षेत्र में विश्वास बढ़ाएगी और निवेश को बढ़ावा देगी। यह बदलाव देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा और आम आदमी के जीवन को बेहतर बनाएगा।

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