Azim Premji Scholarship – भारत में आज भी कई प्रतिभाशाली लड़कियां सिर्फ आर्थिक कमजोरी के कारण अपनी उच्च शिक्षा पूरी नहीं कर पाती हैं। खासकर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में रहने वाली लड़कियों के लिए कॉलेज की शिक्षा एक दूर का सपना लगती है। इसी समस्या का समाधान करने के लिए अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन ने एक विशेष छात्रवृत्ति योजना शुरू की है। यह योजना उन होनहार लड़कियों को आर्थिक मदद देती है जो सरकारी स्कूलों से पढ़ी हैं और अब कॉलेज में दाखिला लेना चाहती हैं। इस लेख में हम इस महत्वपूर्ण योजना के बारे में विस्तार से जानेंगे।
योजना का उद्देश्य और महत्व
अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन एक प्रतिष्ठित संस्था है जो शिक्षा के क्षेत्र में काम करती है। फाउंडेशन का मानना है कि हर लड़की को शिक्षा का अधिकार है, चाहे उसकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो। इस छात्रवृत्ति का मुख्य उद्देश्य उन लड़कियों को सहायता देना है जो सरकारी स्कूलों में पढ़ी हैं और जिनके परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। फाउंडेशन चाहता है कि कोई भी लड़की पैसों की वजह से अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े और अपने करियर की शुरुआत अच्छे से कर सके।
इस योजना की खासियत यह है कि यह केवल उन लड़कियों पर ध्यान केंद्रित करती है जो पहली बार स्नातक स्तर की पढ़ाई कर रही हैं। चाहे वह दो साल का डिप्लोमा हो या पांच साल की इंजीनियरिंग डिग्री, फाउंडेशन पूरे कोर्स के दौरान आर्थिक सहायता प्रदान करता है। यह सहायता केवल फीस तक सीमित नहीं है, बल्कि किताबें, रहने-खाने और आने-जाने के खर्च में भी काम आती है।
वित्तीय सहायता का विवरण
इस छात्रवृत्ति के तहत चयनित छात्राओं को प्रत्येक वर्ष 30,000 रुपये की राशि दी जाती है। यह राशि सीधे छात्रा के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे बीच में किसी तरह की धोखाधड़ी की संभावना नहीं रहती। पैसा दो किस्तों में आता है – पहली किस्त शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में और दूसरी किस्त मध्य में। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि छात्राएं पूरे साल अपनी जरूरतों को पूरा कर सकें।
30,000 रुपये सालाना की यह राशि भले ही बहुत बड़ी न लगे, लेकिन गरीब परिवारों के लिए यह बहुत मायने रखती है। कई जगहों पर सरकारी कॉलेजों की फीस 5,000 से 15,000 रुपये सालाना होती है, तो बची हुई रकम किताबों, नोटबुक्स, स्टेशनरी और अन्य जरूरी चीजों में खर्च हो जाती है। अगर लड़की हॉस्टल में रहती है तो यह पैसा उसके खर्च में भी मदद करता है।
2025-26 सत्र की ताजा जानकारी
इस शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए फाउंडेशन ने अपने लक्ष्य को और बढ़ा दिया है। पिछले साल जहां 25,000 से अधिक लड़कियों को लाभ मिला था, वहीं इस साल फाउंडेशन का उद्देश्य 2.5 लाख लड़कियों तक पहुंचना है। यह दस गुना वृद्धि दिखाती है कि संस्था कितनी गंभीरता से इस काम को ले रही है। आवेदन की प्रक्रिया दो चरणों में होती है – पहला राउंड सितंबर में समाप्त हो चुका है, लेकिन दूसरा राउंड अभी चल रहा है।
दूसरे राउंड के लिए आवेदन 10 जनवरी 2026 से शुरू हो गए हैं और जनवरी के अंत तक जारी रहेंगे। अगर आप योग्य हैं और अभी तक आवेदन नहीं किया है, तो जल्दी करें क्योंकि देर करने से अच्छा मौका हाथ से निकल सकता है। हालांकि सीटों की संख्या सीमित नहीं है, फिर भी समय पर आवेदन करना जरूरी है ताकि चयन प्रक्रिया में कोई देरी न हो।
कौन कर सकता है आवेदन
इस छात्रवृत्ति के लिए कुछ निश्चित मानदंड तय किए गए हैं। सबसे पहली शर्त यह है कि आवेदक लड़की होनी चाहिए – लड़के इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं। दूसरी महत्वपूर्ण शर्त यह है कि आवेदक ने अपनी दसवीं और बारहवीं कक्षा की पढ़ाई किसी सरकारी स्कूल या सरकारी कॉलेज से नियमित छात्रा के रूप में पूरी की हो। प्राइवेट स्कूलों से पढ़ी लड़कियां इस योजना के लिए आवेदन नहीं कर सकतीं।
तीसरी शर्त भौगोलिक है – आवेदक को 18 निर्धारित राज्यों या केंद्रशासित प्रदेशों में से किसी एक का निवासी होना चाहिए। इन राज्यों में बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, असम, राजस्थान, कर्नाटक, तेलंगाना जैसे बड़े राज्य शामिल हैं। इसके अलावा पूर्वोत्तर के कई राज्य जैसे अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा भी इसमें शामिल हैं। उत्तराखंड और पुडुचेरी भी इस सूची में हैं।
शैक्षणिक योग्यता और पाठ्यक्रम
आवेदक को 2025-26 शैक्षणिक सत्र में किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या कॉलेज में पहली बार स्नातक स्तर की डिग्री या डिप्लोमा में दाखिला लेना चाहिए। यहां “पहली बार” शब्द महत्वपूर्ण है – अगर किसी ने पहले कोई स्नातक डिग्री पूरी कर ली है या बीच में छोड़ दी है, तो वह पात्र नहीं होगी। पाठ्यक्रम की अवधि दो से पांच साल के बीच होनी चाहिए। इसमें बीए, बीएससी, बीकॉम जैसी तीन साल की डिग्रियां, बीटेक जैसी चार साल की डिग्रियां और एमबीबीएस जैसे पांच साल के पाठ्यक्रम भी शामिल हैं।
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय में दाखिला लेने वाली छात्राएं इस स्कॉलरशिप के लिए पात्र नहीं हैं। इसी तरह जो छात्राएं विप्रो कंपनी की किसी अन्य छात्रवृत्ति योजना का लाभ ले रही हैं, वे भी इस योजना के लिए आवेदन नहीं कर सकतीं। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद छात्राओं को लाभ मिल सके।
आवेदन की पूरी प्रक्रिया
आवेदन करना बेहद आसान है और पूरी तरह से ऑनलाइन है। सबसे पहले आपको अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन की आधिकारिक वेबसाइट azimpremjifoundation.org पर जाना होगा। वेबसाइट पर “Education” सेक्शन में आपको छात्रवृत्ति से संबंधित जानकारी मिलेगी। वहां आपको रजिस्ट्रेशन के लिए एक लिंक दिखेगा। नए उपयोगकर्ता के रूप में आपको पहले अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा, जिसके लिए मोबाइल नंबर की जरूरत पड़ेगी।
रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक फॉर्म भरना होगा जिसमें आपकी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण, परिवार की आय और बैंक खाते की जानकारी मांगी जाएगी। फॉर्म के साथ कुछ जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। फॉर्म भरते समय सावधानी रखें कि सभी जानकारी सही हो और किसी भी तरह की गलती न हो। फॉर्म जमा करने के बाद आपको एक पुष्टिकरण संदेश मिलेगा। फाउंडेशन आपके आवेदन की समीक्षा करेगी और योग्य पाए जाने पर आपको सूचित करेगी।
आवश्यक दस्तावेजों की सूची
आवेदन के साथ कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज संलग्न करने होते हैं। सबसे पहले आपको अपनी दसवीं कक्षा की मार्कशीट या प्रमाण पत्र की स्कैन कॉपी चाहिए। इसी तरह बारहवीं कक्षा की मार्कशीट भी जरूरी है। इन दोनों मार्कशीट पर स्कूल का नाम स्पष्ट दिखना चाहिए, जिससे यह साबित हो सके कि आपने सरकारी स्कूल से पढ़ाई की है। तीसरा महत्वपूर्ण दस्तावेज कॉलेज का प्रवेश पत्र है जिसमें आपके पाठ्यक्रम का नाम, कॉलेज का नाम और प्रवेश का वर्ष साफ-साफ लिखा हो।
इसके अलावा आपको अपने बैंक खाते की जानकारी भी देनी होगी – खाता संख्या, IFSC कोड और बैंक का नाम। खाता आपके अपने नाम का होना चाहिए, न कि माता-पिता या किसी और के नाम का। पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड सबसे अच्छा रहता है, लेकिन अन्य सरकारी ID भी मान्य हैं। सभी दस्तावेज स्पष्ट और पढ़ने योग्य होने चाहिए। धुंधली या कटी-फटी फोटोकॉपी से बचें।
छात्रवृत्ति का नवीनीकरण और शर्तें
यह छात्रवृत्ति एक बार मिलने के बाद अपने आप हर साल नहीं मिलती। हर साल आपको इसका नवीनीकरण कराना पड़ता है। नवीनीकरण के लिए आपको यह साबित करना होगा कि आप नियमित रूप से कॉलेज जा रही हैं और अपनी पढ़ाई अच्छे से कर रही हैं। अगर आपकी उपस्थिति कम रहती है या परीक्षाओं में बहुत खराब प्रदर्शन करती हैं, तो छात्रवृत्ति रोकी जा सकती है। इसलिए जरूरी है कि आप अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें और अच्छे परिणाम लाएं।
अगर आप किसी कारणवश अपना पाठ्यक्रम बीच में छोड़ देती हैं, तो छात्रवृत्ति तुरंत बंद हो जाएगी। ऐसे में आपको जो राशि मिल चुकी है, वह वापस नहीं मांगी जाएगी, लेकिन आगे की किस्त नहीं मिलेगी। यह नियम इसलिए है क्योंकि फाउंडेशन का उद्देश्य उन लड़कियों की मदद करना है जो वास्तव में अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहती हैं। एक और महत्वपूर्ण बात – फाउंडेशन कभी भी कोई आवेदन शुल्क या प्रोसेसिंग फीस नहीं लेता। अगर कोई व्यक्ति या एजेंट आपसे पैसे मांगे तो समझ जाइए कि वह धोखाधड़ी है।
समाज पर प्रभाव
इस छात्रवृत्ति योजना का समाज पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। हजारों लड़कियां जो पहले सोचती थीं कि कॉलेज जाना उनके बस की बात नहीं है, अब उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। जब एक लड़की पढ़-लिखकर आगे बढ़ती है तो सिर्फ वही नहीं, बल्कि पूरा परिवार और समुदाय प्रभावित होता है। शिक्षित महिलाएं बेहतर निर्णय लेती हैं, अपने बच्चों को अच्छी परवरिश देती हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाती हैं। यह योजना खासकर ग्रामीण इलाकों में लड़कियों की शिक्षा के प्रति नजरिया बदलने में मदद कर रही है।
अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति सिर्फ एक वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि यह गरीब लड़कियों के लिए एक नई उम्मीद और आत्मविश्वास का स्रोत है। यह योजना साबित करती है कि अगर सही समय पर सही मदद मिल जाए, तो कोई भी अपने सपने पूरे कर सकता है। अगर आप या आपके आस-पास कोई लड़की इस योजना के लिए योग्य है, तो बिना देर किए आवेदन करें। याद रखें, शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है जो आपकी जिंदगी बदल सकता है और आपको आत्मनिर्भर बना सकता है। यह छात्रवृत्ति उस रास्ते का पहला कदम हो सकती है।









