Weather U-turn – देश के मौसम में एक बार पुनः महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले दिनों में विभिन्न क्षेत्रों में मौसमी गतिविधियां तीव्र होने वाली हैं। उत्तरी राज्यों में शीत लहर की तीव्रता बढ़ेगी जबकि कुछ क्षेत्रों में वर्षा और आंधी-तूफान की स्थिति उत्पन्न होगी। 25 जनवरी 2026 से शुरू होने वाले इस मौसमी बदलाव ने आम जनता के साथ-साथ प्रशासन को भी सतर्क कर दिया है।
मौसम पूर्वानुमान केंद्र ने अगले दो दिनों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। इस दौरान देशभर के अनेक इलाकों में तापमान में उतार-चढ़ाव, वायु की गति में वृद्धि तथा वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है। यह स्थिति न केवल दैनिक जीवन को प्रभावित करेगी बल्कि कृषि गतिविधियों और यातायात व्यवस्था पर भी असर डाल सकती है।
पांच प्रमुख राज्यों में वर्षा की आशंका
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से अगले 48 घंटों की अवधि में पांच राज्यों के लिए विशेष मौसम चेतावनी जारी की गई है। इन राज्यों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर, तमिलनाडु तथा पुडुचेरी शामिल हैं। इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली, तेज हवाओं और वर्षा की प्रबल संभावना बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे आपातकालीन तैयारियां सुनिश्चित करें।
पर्वतीय राज्यों में मौसम की स्थिति अत्यधिक चुनौतीपूर्ण होने वाली है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में 27 और 28 जनवरी को वर्षा के साथ-साथ हिमपात की घटनाएं हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त ओलों की बौछार, आकाशीय विद्युत गिरने की घटनाएं और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली प्रचंड हवाओं की आशंका जताई गई है। ऐसे में पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
दक्षिणी भारत में भी मौसम सक्रिय रहने के संकेत मिल रहे हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के विभिन्न स्थानों पर आज यानी 25 जनवरी को तीव्र वर्षा हो सकती है। केरल और माहे क्षेत्र में 26 जनवरी को गर्जन के साथ बिजली गिरने का अनुमान लगाया गया है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को बाहरी गतिविधियों से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है।
उत्तर भारत में शीतलहर का कहर
उत्तरी भारत के मैदानी और शहरी क्षेत्रों में शीतलहर की तीव्रता लगातार बढ़ रही है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आगामी 24 घंटों में उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में कड़ाके की ठंड पड़ने वाली है। प्रयागराज, अयोध्या, कानपुर, रामपुर, बिजनौर, रायबरेली, आगरा, मथुरा और अलीगढ़ जैसे शहरों में सुबह के समय तापमान में भारी गिरावट दर्ज होगी। न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे रहने की संभावना है।
हरियाणा राज्य भी इस शीत लहर की चपेट में आने वाला है। गुरुग्राम और सोनीपत जैसे प्रमुख शहरों में हाड़ कंपा देने वाली ठंड का अनुभव होगा। इन क्षेत्रों में रात और सुबह के तापमान में विशेष रूप से कमी आएगी। ठंडी हवाओं के कारण महसूस होने वाला तापमान वास्तविक तापमान से भी कम रहेगा।
पंजाब के विभिन्न शहरों में भी शीतलहर का असर देखने को मिलेगा। अमृतसर, जालंधर, बठिंडा, पटियाला, होशियारपुर और मोहाली में 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से बर्फीली हवाएं चलेंगी। ये हवाएं ठंड के प्रभाव को और अधिक बढ़ा देंगी। स्थानीय लोगों को गर्म कपड़ों का उपयोग करने और अनावश्यक बाहर जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मौसम का रुख
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए मौसम विभाग ने महत्वपूर्ण जानकारी जारी की है। 27 जनवरी को दिल्ली में वर्षा होने की प्रबल संभावना है। यह वर्षा तापमान में और गिरावट ला सकती है तथा ठंड की अनुभूति को तीव्र कर सकती है। दिल्लीवासियों को इस मौसमी बदलाव के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है।
वर्तमान में यानी 25 जनवरी को दिल्ली में सुबह के समय ठंड अपने चरम पर रहेगी। न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है जो लोगों के लिए असुविधाजनक हो सकती है। दिन के दौरान भी 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलने का अनुमान है। इन हवाओं के कारण वास्तविक तापमान की तुलना में अधिक ठंड महसूस होगी।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय उत्तरी हवाओं का प्रवाह सक्रिय है जो शीतलहर को बढ़ावा दे रहा है। दिल्ली के आसपास के क्षेत्रों में भी इसी तरह की स्थिति बनी हुई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और बच्चों तथा बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
सावधानियां और सुझाव
इस मौसमी परिवर्तन के दौरान आम जनता को कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतनी चाहिए। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को मौसम की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ना चाहिए। भारी वर्षा और हिमपात के क्षेत्रों में सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है इसलिए अत्यावश्यक यात्राओं को टालना उचित रहेगा।
शीतलहर प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को गर्म कपड़े पहनने चाहिए और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए। बेघर लोगों और जानवरों के लिए उचित व्यवस्था की जानी चाहिए। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचने के लिए विशेष सावधानी आवश्यक है क्योंकि ठंड में सर्दी-जुकाम और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
किसानों को भी सलाह दी जाती है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए उचित उपाय करें। ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फसलों को नुकसान हो सकता है। पशुपालकों को भी अपने पशुओं को ठंड से बचाने के लिए समुचित व्यवस्था करनी चाहिए।
मौसम विभाग द्वारा जारी यह चेतावनी समय पर की गई कार्रवाई और सावधानी के महत्व को रेखांकित करती है। प्रकृति के इन बदलावों के साथ तालमेल बिठाना और सुरक्षा उपायों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। सरकारी एजेंसियों, स्थानीय प्रशासन और आम जनता के समन्वित प्रयासों से ही इस मौसमी चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया जा सकता है। आने वाले दिनों में मौसम की अद्यतन जानकारी पर नजर रखना और आवश्यक सावधानियां बरतना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।









