Free Gas Cylinder Yojana – नए साल 2026 के आगमन के साथ ही देश भर में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। रसोई गैस हर भारतीय परिवार की मूलभूत आवश्यकता है और इसके मूल्य में थोड़ा सा भी उतार-चढ़ाव आम जनता के मासिक खर्च को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है। जनवरी महीने में तेल वितरण करने वाली कंपनियों ने सरकार के साथ मिलकर गैस सिलेंडर की कीमतों के बारे में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय में घरेलू इस्तेमाल करने वाले लोगों को राहत प्रदान की गई है, जबकि व्यावसायिक उपयोग के लिए सिलेंडर खरीदने वालों को बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ रहा है।
घरेलू सिलेंडर की कीमतें स्थिर रखने का फैसला
सरकार ने आम परिवारों की रसोई को महंगाई से बचाने के लिए एक सकारात्मक कदम उठाया है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में इस महीने कोई वृद्धि नहीं की गई है। यह निर्णय खासतौर पर मध्यम वर्गीय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रहा है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और मुद्रा विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू सिलेंडर के मूल्य को स्थिर बनाए रखा गया है।
दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों में वर्तमान में बिना सब्सिडी वाला घरेलू सिलेंडर लगभग 853 रुपये में उपलब्ध है। मुंबई में यह दर 852.50 रुपये के करीब है, जबकि कोलकाता में 879 रुपये और चेन्नई में 868.50 रुपये में सिलेंडर मिल रहा है। बेंगलुरु शहर में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत लगभग 855.50 रुपये के आसपास बनी हुई है। विभिन्न राज्यों में स्थानीय करों और परिवहन व्यय के कारण मामूली अंतर देखा जा सकता है।
सब्सिडी योजना का महत्व और लाभ
भारत सरकार की प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना के माध्यम से पात्र उपभोक्ताओं को सब्सिडी राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। जिन परिवारों का आधार कार्ड बैंक खाते से जुड़ा हुआ है, उन्हें इस सुविधा का पूरा लाभ मिलता है। सब्सिडी प्राप्त होने के बाद एक सिलेंडर की वास्तविक कीमत केवल 500 से 600 रुपये के बीच रह जाती है। यह व्यवस्था गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के रसोई बजट को संतुलित बनाए रखने में काफी मददगार साबित होती है।
सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार, प्रत्येक परिवार को सालाना अधिकतम 12 घरेलू गैस सिलेंडर पर ही सब्सिडी की सुविधा प्रदान की जाती है। इससे अधिक सिलेंडर खरीदने पर उपभोक्ता को पूरी बाजार कीमत चुकानी पड़ती है। यह प्रावधान इसलिए बनाया गया है ताकि सब्सिडी का फायदा वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक ही पहुंचे। आमतौर पर सिलेंडर की डिलीवरी के तीन से पांच दिनों के अंदर सब्सिडी की धनराशि सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी जाती है।
व्यावसायिक सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी
जहां घरेलू उपयोगकर्ताओं को राहत मिली है, वहीं होटल, ढाबा, रेस्तरां और कैटरिंग व्यवसाय में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए हैं। 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत में करीब 111 रुपये की वृद्धि हुई है। यह बढ़ोतरी छोटे और बड़े व्यापारियों के संचालन खर्च में इजाफा करेगी। चूंकि व्यावसायिक सिलेंडर पर किसी प्रकार की सब्सिडी उपलब्ध नहीं है, इसलिए पूरा खर्च व्यवसायियों को स्वयं वहन करना पड़ता है।
दिल्ली में 19 किलोग्राम का कमर्शियल सिलेंडर अब लगभग 1691.50 रुपये का हो गया है। मुंबई में इसका मूल्य करीब 1642.50 रुपये, चेन्नई में 1849.50 रुपये, कोलकाता में 1795 रुपये और बेंगलुरु में लगभग 1764.50 रुपये के आसपास निर्धारित किया गया है। इन बढ़ी हुई कीमतों का प्रभाव आगे चलकर होटल और रेस्तरां में परोसे जाने वाले खाने की दरों पर भी पड़ सकता है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की भूमिका
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना गरीब और वंचित वर्ग के परिवारों के लिए एक महत्वाकांक्षी सरकारी पहल है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य लकड़ी, कोयले और गोबर के उपले जलाने से होने वाले धुएं से लोगों को मुक्ति दिलाना और उन्हें स्वच्छ रसोई ईंधन उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों, विधवाओं और अन्य पात्र लाभार्थियों को निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन प्रदान किया जाता है।
उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवारों को वर्ष में 9 सिलेंडर तक पूर्ण सब्सिडी का लाभ मिलता है, जिससे उनके रसोई का खर्च काफी हद तक कम हो जाता है। यह योजना विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, क्योंकि इससे धुएं से भरी रसोई में काम करने की मजबूरी खत्म हो जाती है। रसोई साफ-सुथरी रहती है और खाना बनाने में समय की भी बचत होती है।
सब्सिडी प्राप्त करने की पात्रता और प्रक्रिया
एलपीजी सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ता के आधार कार्ड का बैंक खाते से लिंक होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त राशन कार्ड, बैंक पासबुक, पासपोर्ट आकार की फोटो और जन धन बैंक खाता होना लाभदायक रहता है। उज्ज्वला योजना के तहत आवेदन करने वाले व्यक्तियों के पास बीपीएल प्रमाण पत्र या संबंधित श्रेणी का वैध दस्तावेज होना आवश्यक है।
एलपीजी कनेक्शन और सब्सिडी के लिए ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन किया जा सकता है। ऑनलाइन प्रक्रिया में संबंधित पोर्टल पर जाकर आवेदन फॉर्म भरना, आधार को लिंक करना और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। ऑफलाइन आवेदन के लिए नजदीकी गैस एजेंसी या सामान्य सेवा केंद्र पर जाकर प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। आवेदन स्वीकृत होने के बाद सामान्यतः 15 से 30 दिनों के भीतर सर्वेक्षण और सिलेंडर वितरण का कार्य पूर्ण कर दिया जाता है।
साल 2026 की शुरुआत में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम स्थिर रहना आम जनता के लिए सकारात्मक संकेत है। यह दर्शाता है कि सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को बढ़ती महंगाई से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। एलपीजी सब्सिडी और उज्ज्वला योजना के माध्यम से देश के करोड़ों परिवारों को सीधा फायदा पहुंच रहा है। हालांकि व्यावसायिक सिलेंडर के दामों में वृद्धि से व्यापारियों पर कुछ आर्थिक दबाव बढ़ा है, लेकिन घरेलू स्तर पर रसोई का बजट संतुलित बना हुआ है। आने वाले समय में भी उपभोक्ताओं को नियमित रूप से कीमतों की जानकारी रखनी चाहिए और सब्सिडी योजनाओं का पूरा लाभ उठाना चाहिए।









