School Closed Today – उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में इन दिनों कड़ाके की ठंड ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। तापमान में लगातार गिरावट और घने कोहरे के कारण सामान्य जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसके बाद राज्य सरकारों ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और पंजाब जैसे राज्यों में शिक्षा विभाग ने स्कूलों की छुट्टियों में विस्तार करने का निर्णय लिया है।
हाल के दिनों में कई शहरों में सुबह के समय दृश्यता लगभग शून्य के करीब दर्ज की गई है। इस घने कोहरे के कारण सड़कों पर यातायात अत्यंत खतरनाक हो गया है। छोटे बच्चों के लिए इन परिस्थितियों में स्कूल जाना जोखिम भरा माना जा रहा है। इसी को देखते हुए विभिन्न राज्यों के जिलाधिकारियों को स्थानीय मौसम की गंभीरता के अनुसार निर्णय लेने के अधिकार दिए गए हैं। कहीं पर छुट्टियां घोषित की जा रही हैं तो कहीं स्कूलों के समय में बदलाव किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप
उत्तर प्रदेश में सर्दी की तीव्रता देखते हुए कई जिलों में स्कूली छुट्टियों को 20 जनवरी तक बढ़ाने का फैसला किया गया है। राज्य के प्रमुख शहरों जैसे लखनऊ, वाराणसी, आगरा और मेरठ में कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल फिलहाल बंद रखे गए हैं। मौसम विभाग द्वारा बारिश और ठंड के पूर्वानुमान को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन का मानना है कि बच्चों की सेहत से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
प्रयागराज जिले में स्थिति और भी गंभीर है, जहां प्रशासन ने 20 जनवरी तक भौतिक कक्षाओं को पूरी तरह बंद रखने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। माता-पिता को सलाह दी जा रही है कि वे अपने बच्चों के स्कूल से संपर्क करके छुट्टियों की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त करें। कुछ स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाओं का भी प्रबंध किया जा रहा है ताकि पढ़ाई का नुकसान न हो। राज्य सरकार ने निजी स्कूलों को भी इन निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य किया है।
दिल्ली-एनसीआर में स्कूल समय में परिवर्तन
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में भी शीतलहर का असर जारी है। नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम जैसे शहरों में तापमान काफी नीचे जा चुका है। दिल्ली सरकार ने स्कूलों को पूरी तरह बंद करने के बजाय एक अलग रणनीति अपनाई है। अधिकांश स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है और अब कक्षाएं सुबह नौ बजे या उसके बाद शुरू हो रही हैं। यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि सुबह के समय ठंड और कोहरा सबसे अधिक होता है।
हालांकि, नर्सरी से लेकर कक्षा पांचवीं तक के छोटे बच्चों के लिए कई निजी स्कूलों ने स्वतः ही छुट्टियां बढ़ाने का फैसला किया है। स्कूल प्रबंधन का मानना है कि छोटे बच्चे अत्यधिक ठंड में बीमार पड़ सकते हैं। माता-पिता भी इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं क्योंकि उन्हें अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता है। राजधानी में कोहरे के कारण यातायात की समस्या भी गंभीर हो गई है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
राजस्थान में रिकॉर्ड ठंड
राजस्थान के कुछ हिस्से इस समय सबसे अधिक ठंड का सामना कर रहे हैं। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर जैसे क्षेत्रों में तापमान इतना नीचे चला गया है कि ये राज्य के सबसे ठंडे स्थान बन गए हैं। पिछले कुछ दिनों में यहां का न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री के आसपास रिकॉर्ड किया गया है। जयपुर में जिला कलेक्टर ने प्राथमिक कक्षाओं के लिए शीतकालीन अवकाश को आगे बढ़ाने का आदेश जारी किया है। यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।
पश्चिमी राजस्थान में जारी शीतलहर के कारण सुबह की पाली में चलने वाले स्कूलों पर पाबंदी लगा दी गई है। प्रशासन ने स्कूल खुलने के समय में बदलाव करने के निर्देश दिए हैं ताकि बच्चों को सुबह की कड़कड़ाती ठंड में बाहर निकलना न पड़े। मध्यान्ह के समय तापमान थोड़ा सुहावना होता है, इसलिए कई स्कूलों ने अपनी कक्षाएं दोपहर के बाद शुरू करने का फैसला किया है। राज्य सरकार लगातार मौसम की निगरानी कर रही है और आवश्यकता पड़ने पर और भी छुट्टियां घोषित की जा सकती हैं।
बिहार और पंजाब में कोहरे की चुनौती
बिहार के पटना सहित अनेक जिलों में भीषण शीतलहर के चलते कक्षा आठवीं तक के स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। राज्य के उत्तरी हिस्सों में स्थिति विशेष रूप से गंभीर है। घने कोहरे के कारण दृश्यता इतनी कम हो जाती है कि दिन में भी अंधेरे जैसा माहौल बन जाता है। इन परिस्थितियों में बच्चों को स्कूल भेजना असुरक्षित माना जा रहा है। सरकार ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को घर पर ही रखें और उनके स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।
पंजाब और हरियाणा में भी घने कोहरे ने जीवन को प्रभावित किया है। दोनों राज्यों में सुबह के स्कूलों के समय में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को शून्य दृश्यता और अत्यधिक ठंड में यात्रा न करनी पड़े। इससे न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि उनके स्वास्थ्य पर भी कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। कई स्थानों पर सड़क दुर्घटनाओं में भी वृद्धि देखी गई है, जिससे अभिभावक चिंतित हैं।
अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
इन परिस्थितियों में माता-पिता और अभिभावकों को सलाह दी जा रही है कि स्कूल भेजने से पहले अपने बच्चों के स्कूल के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप या स्कूल प्रबंधन से अवश्य संपर्क करें। मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए जिला प्रशासन रात के समय भी अचानक छुट्टियां घोषित कर सकता है। ऐसे में अपडेट रहना बेहद जरूरी है। कई स्कूल अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर भी सूचनाएं जारी कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी स्कूलों की तरफ से नोटिफिकेशन आ रहे हैं।
बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना इस समय सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। गर्म कपड़े पहनाएं और गर्म पेय पदार्थों का सेवन कराएं। यदि बच्चे को सर्दी, खांसी या बुखार के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। इस मौसम में बच्चों को बाहर खेलने से रोकें और घर के अंदर ही व्यस्त रखने का प्रयास करें। पढ़ाई का नुकसान न हो इसके लिए घर पर ही उन्हें पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें।
उत्तर भारत में मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे की स्थिति जारी रह सकती है। इसलिए स्कूलों में छुट्टियां और भी बढ़ाई जा सकती हैं। सरकारें लगातार स्थिति की समीक्षा कर रही हैं और जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समय पर निर्णय ले रही हैं। यह समय धैर्य रखने और सावधानी बरतने का है।









